कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
टाटा आईपीएल 2026 के शुरुआती 11 मुकाबलों में कई युवा खिलाड़ियों ने अपने बेखौफ खेल से सबका ध्यान खींचा है। बल्ले से आक्रामक बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी में दमदार प्रदर्शन और मैदान पर शानदार फील्डिंग—इन ‘निडर प्रतिभाओं’ ने हर विभाग में अपनी छाप छोड़ी है। वैभव सूर्यवंशी, समीर रिज़वी, अंगकृष रघुवंशी, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे युवा खिलाड़ियों ने दबाव भरे मौकों पर जिस आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया है, वह उनकी उम्र से कहीं आगे की परिपक्वता दर्शाता है। ये खिलाड़ी इस बात का प्रतीक बनकर उभरे हैं कि नई पीढ़ी अब अपने मौके का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि सीधे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रही है।

वैभव सूर्यवंशी
बिहार के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी पिछले एक साल से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उम्र भले कम हो, लेकिन उनके खेल ने क्रिकेट जगत में पहले ही बड़ा नाम बना दिया है। आयु वर्ग क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट, राइजिंग स्टार्स एशिया कप और अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने टाटा आईपीएल 2026 में भी उसी लय को बरकरार रखा है। सिर्फ सात मैचों में 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 252 रन बनाते हुए उन्होंने टूर्नामेंट का दूसरा सबसे तेज शतक भी जड़ा। इस सीजन की शुरुआत उन्होंने सीएसके के खिलाफ महज़ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाकर की और उसके बाद जीटी के खिलाफ एक और तेजतर्रार पारी खेलकर आरआर को मजबूत शुरुआत दिलाई।
समीर रिज़वी
उत्तर प्रदेश के दमदार बल्लेबाज़ समीर रिज़वी ने पहली बार यूपी टी20 लीग में अपने बड़े शॉट्स से सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद सीएसके ने आईपीएल 2024 की नीलामी में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि वह सीजन उनके लिए खास नहीं रहा और बाद में उन्हें रिलीज़ कर दिया गया। फिर डीसी ने मेगा ऑक्शन में उन्हें मौका दिया और यहीं से उनकी वापसी की कहानी शुरू हुई। मध्यक्रम के स्टाइलिश बल्लेबाज़ रिज़वी को पिछले सीजन ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन आईपीएल 2025 के अंत में उन्होंने अर्धशतक लगाकर अपनी क्षमता दिखा दी थी। इस सीजन में भी शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने लगातार दो मैच जिताऊ पारियां खेलकर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।

अंगकृष रघुवंशी
मुंबई के युवा बल्लेबाज़ अंगकृष रघुवंशी ने इस सीजन में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालकर केकेआर की प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह मजबूत कर ली है। टीम की शुरुआत भले चुनौतीपूर्ण रही हो, लेकिन रघुवंशी ने शीर्ष क्रम में लगातार दो अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। दूसरे मैच में उन्हें कैमरून ग्रीन से पहले बल्लेबाज़ी के लिए प्रमोट किया गया, जो टीम के भरोसे को दर्शाता है। मात्र 21 साल की उम्र में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह जिम्मेदारी उठाने के साथ-साथ मैच की परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को ढालने में भी सक्षम हैं।
प्रिंस यादव
भारत की राज्य स्तरीय टी20 लीग से उभरकर आए प्रिंस यादव को एलएसजी ने आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन में खरीदा था। उनकी तेज गेंदबाज़ी और सटीक लाइन-लेंथ ने टीम प्रबंधन का ध्यान खींचा। टीम के कई तेज गेंदबाज़ चोटिल होने के कारण बाहर थे, ऐसे में उन्हें मौका मिला और उन्होंने उसे दोनों हाथों से भुनाया। मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे गेंदबाज़ों की वापसी के बाद भी जब उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया तो कई लोग हैरान थे। लेकिन उन्होंने डीसी और एसआरएच के खिलाफ अहम विकेट लेकर टीम के भरोसे को सही साबित किया। अब वह एलएसजी के गेंदबाज़ी आक्रमण का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।
हर्ष दुबे
विदर्भ के लिए रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष दुबे ने एसआरएच के लिए आईपीएल में भी प्रभावशाली शुरुआत की है। कप्तान ईशान किशन ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें पावरप्ले में गेंदबाज़ी की जिम्मेदारी दी, और दुबे ने इसे बखूबी निभाया। उन्होंने न केवल रन गति को नियंत्रित रखा बल्कि अहम विकेट भी हासिल किए, जिनमें फिन एलन का विकेट भी शामिल है। दुबे अपनी पारंपरिक लाइन-लेंथ और गति में बदलाव के जरिए बल्लेबाज़ों को चकमा दे रहे हैं। गेंदबाज़ी के अलावा उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए भी योगदान दिया और ईडन गार्डन में कुछ महत्वपूर्ण चौके लगाकर टीम का स्कोर 225 के पार पहुंचाने में मदद की।

विशेषज्ञों की राय
अनिल कुंबले:
“आईपीएल 2026 के सिर्फ दो हफ्तों में ही इन युवा खिलाड़ियों को इस तरह चमकते देखना बेहद रोमांचक है। अभी टूर्नामेंट लंबा है, हो सकता है कि अभी शुरुआती दिन हों, लेकिन यह सीज़न पहले से ही ऐसा बन रहा है जहाँ युवाओं ने सबसे बड़े स्टेज पर अपनी अथॉरिटी बनाई है, और इस लीग की हमेशा से चली आ रही बातों पर खरे उतरे हैं। मेरे लिए जो बात सबसे खास रही है, वह है उनका कॉन्फ़िडेंस और इरादा। खासकर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन ज़बरदस्त रहा है। वह क्रीज़ पर जो अग्रेसन लाते हैं, उनमें जो पावर है, और जिस आज़ादी से वह खेलते हैं, वह उन्हें आने वाले हफ़्तों में देखने लायक एक बहुत ही रोमांचक टैलेंट बनाता है।”
सबा करीम:
“जब इतने सारे युवा खिलाड़ी सुर्खियों में आते हैं तो यह साफ हो जाता है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आईपीएल की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यह नए खिलाड़ियों को मंच देता है। जो टीमें अपने भारतीय खिलाड़ियों के मजबूत आधार और अच्छी स्काउटिंग पर भरोसा करती हैं, वही लंबे समय में सबसे ज्यादा सफल होती हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सबसे सफल टाटा आईपीएल टीमें वो होती हैं जो अपने इंडियन कोर को सही रखती हैं और उसे शार्प स्काउटिंग से सपोर्ट करती हैं। यह सीज़न एक बार फिर साबित कर रहा है कि वह मॉडल कितना ज़रूरी है। जो टीमें इन युवा नामों को पहचानती हैं और उन्हें सपोर्ट करती हैं, वे न सिर्फ़ अपने लिए, बल्कि इंडियन क्रिकेट के लिए भी लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाती हैं।”
संजय बांगर:
“आईपीएल 2026 की सबसे बड़ी खासियत अगर कोई है तो वह इन युवा खिलाड़ियों का उभार है। इतने सारे युवाओं को न सिर्फ अच्छा खेलते हुए देखना, बल्कि सच में गेम पर असर डालते हुए देखना, टूर्नामेंट की सबसे अच्छी बातों में से एक रहा है। अंगकृष रघुवंशी, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे खिलाड़ी दिखा रहे हैं कि अगर आपके पास स्किल और टेम्परामेंट है तो उम्र और अनुभव अब रुकावट नहीं हैं। यही इस लीग की ताकत है, एक अच्छा सीज़न विश्वास, पहचान और ग्रोथ को तेज़ी से बढ़ा सकता है। लेकिन सबसे बढ़कर, इन युवाओं को उस मेहनत का क्रेडिट जाना चाहिए जो उन्होंने ऐसे पलों के लिए तैयार रहने के लिए की है।”

मोहम्मद कैफ:
“इन युवा खिलाड़ियों में सबसे खास बात उनका माइंडसेट है। वे आईपीएल में टिके रहने की उम्मीद में नहीं आ रहे हैं, वे यह मानकर आ रहे हैं कि वे यहीं के हैं। नज़रिए में यह बदलाव ज़रूरी है, क्योंकि यह बताता है कि यह नई पीढ़ी पहले से कहीं ज़्यादा कॉन्फिडेंस, क्लैरिटी और एक्सपोज़र के साथ बड़ी हो रही है। वे प्रेशर में कम्फर्टेबल हैं, वे गेम को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं, और वे दिखा रहे हैं कि इंडियन क्रिकेट का भविष्य पहले से ही काफी आगे बढ़ रहा है।”
उमेश यादव:
“हर आईपीएल में कुछ नए सितारे उभरते हैं, लेकिन इस बार जिस निरंतरता से युवा खिलाड़ी प्रभाव डाल रहे हैं, वह इसे और खास बनाता है। यह अब एक या दो ब्रेकआउट कहानियों के बारे में नहीं है, यह एक बड़े आंदोलन जैसा लगने लगा है। टीमों में, आप देख रहे हैं कि युवा खिलाड़ी दबाव वाली स्थितियों में आगे बढ़ते हैं और पूरे भरोसे के साथ अच्छा करते हैं। यह आने वाले टैलेंट की क्वालिटी के बारे में बहुत कुछ बताता है, लेकिन यह भी कि फ्रेंचाइजी इन खिलाड़ियों को कितनी अच्छी तरह पहचान रही हैं और उन्हें सबसे बड़े मंच के लिए तैयार कर रही हैं।”
पियूष चावला:
“एक सफल आईपीएल सीजन वही होता है जो नए सितारे पैदा करे। इस बार भी यही हो रहा है। मज़ेदार बात यह है कि ये युवा खिलाड़ी सिर्फ़ टूर्नामेंट में एनर्जी ही नहीं डाल रहे हैं, बल्कि दम भी डाल रहे हैं। वे गेम बदल रहे हैं, मोमेंटम बदल रहे हैं और अपने परफ़ॉर्मेंस से सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। टाटा आईपीएल जैसे टूर्नामेंट से आप यही चाहते हैं, एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म जहाँ युवा टैलेंट लाइन में इंतज़ार नहीं करता, बल्कि आगे आता है और सेंटर स्टेज पर आता है।”
