कोलकाता में बंगाल राइजिंग बिजनेस समिट में सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘फाइनेंशियल लिटरेसी स्कूल लेवल से सिखाई जानी चाहिए’

कोलकाता – स्टाफ संवाददाता

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार का मानना ​​है कि देश की आने वाली पीढ़ी को फाइनेंशियली जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्कूल लेवल से ही फाइनेंशियल लिटरेसी सिखाई जानी चाहिए। रविवार को कोलकाता में हुए ‘बंगाल राइजिंग: फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट समिट 2026’ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जितनी ज़रूरी है, उतनी ही फाइनेंशियल एजुकेशन भी ज़रूरी है।

हालांकि देश में लंबे समय से लिटरेसी पर ज़ोर दिया जा रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि स्टूडेंट्स को कम उम्र से ही फाइनेंशियल मामलों के बारे में जागरूक किया जाए। उनके शब्दों में, “हर स्टूडेंट को स्टॉक मार्केट क्या है, IPO क्या है, SIP क्या है, इन्वेस्ट कैसे करें, इसकी कम से कम जानकारी तो होनी ही चाहिए। इसलिए, स्कूल के सिलेबस में फाइनेंशियल लिटरेसी को शामिल करना बहुत ज़रूरी है।”

आज के बंगाल राइजिंग बिजनेस समिट के ऑर्गनाइजिंग ऑर्गनाइजेशन स्कूल ऑफ डे ट्रेडर्स के फाउंडर और SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट भोलानाथ दास ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री के इस आइडिया का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। उन्हें आज शिक्षा राज्य मंत्री के आइडिया सुनने में भी मज़ा आया। MP खगेन मुर्मू भी इस इवेंट में मौजूद थे। दिन भर चले इस कॉन्फ्रेंस में स्टॉक मार्केट और फाइनेंशियल सेक्टर के एक्सपर्ट, SEBI-रजिस्टर्ड प्रोफेशनल, इन्वेस्टर, ट्रेडर, एंटरप्रेन्योर, कॉर्पोरेट रिप्रेजेंटेटिव और अलग-अलग फील्ड के जाने-माने लोग मौजूद थे। इस इवेंट में 200 से ज़्यादा डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया। कॉन्फ्रेंस में फाइनेंशियल प्लानिंग, इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी, रिस्क मैनेजमेंट, एसेट फॉर्मेशन और मौजूदा मार्केट कंडीशन पर कई एक्सपर्ट लेक्चर, पैनल डिस्कशन और ट्रेनिंग वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ किए गए। स्पीकर्स ने पार्टिसिपेंट्स को सोच-समझकर और जानकारी के साथ इन्वेस्टमेंट करने के लिए बढ़ावा दिया।

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