कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
बंगाल प्रोविंशियल बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (B.P.B.E.A) का 31वां स्टेट कॉन्फ्रेंस कोलकाता के महाजाति सदन में सफलतापूर्वक हुआ। इससे पहले, कॉन्फ्रेंस के मौके पर, बैंक कर्मचारियों का एक बड़ा रंगारंग जुलूस महानगर के बीचों-बीच B.B.D. बाग से महाजाति सदन तक निकाला गया, जिसमें कर्मचारियों की एकता और मांगों का मज़बूत संदेश दिया गया। उद्घाटन सत्र में 1,000 से ज़्यादा डेलीगेट्स और ऑब्ज़र्वर की मौजूदगी ने कॉन्फ्रेंस की अहमियत और बढ़ा दी। इस मौके पर AITUC की जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड अमरजीत कौर और AIBEA के जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड सी. एच. वेंकटचलम मुख्य मेहमान के तौर पर मौजूद थे। उनके भाषणों में देश में बैंकिंग सेक्टर के मौजूदा हालात, मज़दूरों और कर्मचारियों के अधिकारों और संगठित आंदोलन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया। तीन दिन की यह कॉन्फ्रेंस 15 फरवरी 2026 तक चलेगी। कॉन्फ्रेंस में जिन ज़रूरी मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई,

उनमें शामिल हैं – मज़दूरों और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा, पब्लिक सेक्टर बैंकों को मज़बूत करना, तेज़ी से डिजिटाइज़ेशन की चुनौतियों का सामना करना और मॉनेटरी पॉलिसी में बदलावों के असर का एनालिसिस करना। साथ ही, कॉन्फ्रेंस से कई ज़रूरी मांगें भी उठाई गईं, जैसे – जॉब सिक्योरिटी पक्का करना, खाली पोस्ट पर तेज़ी से भर्ती करना, वगैरह। इस कॉन्फ्रेंस का एक मुख्य मकसद ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA) के साथ तालमेल मज़बूत करना है ताकि इंडस्ट्री से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं का हल निकाला जा सके और पूरे भारत में यूनियन की एकता मज़बूत हो सके। कॉन्फ्रेंस में बैंक यूनियनों के हाल के कदमों, मांगों और 2026 की शुरुआत तक संभावित इंडस्ट्रियल एक्शन की रूपरेखा का भी डिटेल में रिव्यू किया गया।
