कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
गुरुवार को, हुगली डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (DLSA) ने वॉलंटरी ऑर्गनाइज़ेशन ‘संकल्प टुडे’ के साथ मिलकर वर्ल्ड एल्डर एब्यूज़ प्रिवेंशन डे के मौके पर और NALSA के चलाए जा रहे ‘जागृति’ प्रोजेक्ट के बारे में अवेयरनेस फैलाने के लिए एक खास अवेयरनेस प्रोग्राम रखा। यह प्रोग्राम दिल्ली रोड पर फूलबाड़ी रेस्टोरेंट कम रिज़ॉर्ट में हुआ। हुगली के चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, श्री असीमानंद मंडल, प्रोग्राम में मौजूद थे। जाने-माने एजुकेशनिस्ट, लिटरेचरर और हेडमास्टर श्री हसमत अली, जिन्हें ‘एजुकेशन’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था, चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद थे। प्रोग्राम में ज़िले के अलग-अलग ओल्ड एज होम के रहने वाले और दूसरे सीनियर सिटिज़न शामिल हुए। प्रोग्राम का मेन थीम बुज़ुर्गों के लीगल अधिकार, इज्ज़तदार ज़िंदगी और मेंटल हेल्थ था। हुगली के चीफ हेल्थ ऑफिसर (CMOH) की मेंटल हेल्थ टीम की तरफ से साइकेट्रिस्ट डॉ. देबाशीष दास और साइकोलॉजिस्ट झिलम बनर्जी ने बुज़ुर्गों की मेंटल हेल्थ की सुरक्षा, अकेलेपन से निपटने और ज़िंदगी को लेकर पॉजिटिव सोच रखने पर ज़रूरी बातें कहीं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी की सेक्रेटरी श्रीमती मनाली सामंत ने ‘जागृति’ प्रोजेक्ट के तहत बुज़ुर्गों को मिलने वाली अलग-अलग कानूनी सुरक्षा और सर्विसेज़ के बारे में डिटेल में बताया। उन्होंने कहा, “उम्र सिर्फ़ एक नंबर है। बुज़ुर्ग समाज के रखवाले और अनुभव का भंडार हैं। उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत को पक्का करके एक हेल्दी, जागरूक और डेवलप्ड समाज बनाना मुमकिन है।”
