कोलकाता- स्थित जुपिटर इंटरनेशनल ने 1.25 गीगावॉट क्षमता वाले टॉपकॉन (TOPCon) सोलर सेल के प्रोडक्शन की शुरुआत की

कोलकाता – स्टाफ संवाददाता

कोलकाता स्थित जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड, जो भारत की सोलर सेल निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी मैन्युफैक्चरिंग कैंपस में अपनी चौथी यूनिट का उद्घाटन किया है। इससे कंपनी की TOPCon (टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट) सोलर सेल बनाने की क्षमता में 1.25 गीगावॉट की बढ़ोतरी हुई है और उसकी कुल सोलर सेल बनाने की क्षमता 2 गीगावॉट से बढ़कर 3.25 गीगावॉट हो गई है। 1.25 गीगावॉट क्षमता वाली इस चौथी यूनिट में लगभग 550 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

यह नई यूनिट जुपिटर इंटरनेशनल के लिए टेक्नोलॉजी के मामले में एक बड़ा कदम है। इससे बड़े पैमाने पर अगली पीढ़ी के ज्यादा क्षमता वाले सोलर सेल उपलब्ध कराने की उनकी क्षमता मजबूत होती है, क्योंकि बाजार तेजी से ज्यादा क्षमता वाले बेंचमार्क और परफ़ॉर्मेंस-आधारित खरीद की ओर बढ़ रहा है।

यह उपलब्धि बद्दी में जुपिटर के हालिया विस्तार पर आधारित है, जहाँ कंपनी ने इस साल की शुरुआत में 1 गीगावॉट की मोनो PERC सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ी थी। इससे इसकी कुल इंस्टॉल्ड क्षमता लगभग 2 गीगावॉट हो गई। TOPCon टेक्नोलॉजी को मुख्यधारा के सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग का अगला चरण माना जाता है, जो अधिक क्षमता और लंबे समय के बेहतर प्रदर्शन की संभावना देती है। चौथी यूनिट के साथ जुपिटर अपनी क्षमता बढ़ाने से आगे बढ़कर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड के सीईओ श्री ध्रुव शर्मा ने कहा, “बद्दी में चौथी यूनिट में प्रोडक्शन शुरू होना जूपिटर की टेक्नोलॉजी यात्रा में एक अहम कदम होगा। 1.25 गीगावॉट की TOPCon क्षमता के साथ प्रोडक्शन शुरू करके हम अगली पीढ़ी की सेल टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर ला रहे हैं, जो दक्षता और लंबे समय तक चलने वाले परफॉर्मेंस के मामले में नए मानक स्थापित करती है। हम मैन्युफैक्चरिंग में बेहतरीन काम करने, सस्टेनेबिलिटी का ध्यान रखने और उच्च-कौशल वाली नौकरियां पैदा करने पर खास ध्यान देते हुए ऐसा कर रहे हैं। यह एक ऐसा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म देता है जिसके आधार पर जूपिटर 3 गीगावॉट की TOPCon++ परफॉर्मेंस फैब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे साल के आखिर में नागपुर में चालू किया जाएगा।”

चौथी यूनिट की क्षमता बढ़ाने का काम ‘क्वालिटी-फर्स्ट’ (गुणवत्ता को प्राथमिकता) और सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) का ध्यान रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग तरीके पर आधारित है। इसे अनुशासित प्रोसेस कंट्रोल और ऐसे मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का समर्थन प्राप्त है, जिन्हें बड़े पैमाने पर लगातार आउटपुट देने के लिए बनाया गया है। इस विस्तार से हिमाचल प्रदेश में स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। इससे प्रोडक्शन, प्रोसेस इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन, क्वालिटी, मेंटेनेंस और ईएचएस जैसे क्षेत्रों में हाई-स्किल्ड ग्रीन जॉब्स (पर्यावरण के अनुकूल कुशल नौकरियां) के अवसर बढ़ेंगे, जिन्हें व्यवस्थित ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण का सहयोग मिलेगा।

चौथी यूनिट के साथ जुपिटर इंटरनेशनल घरेलू सोलर सेल क्षमता को मजबूत करके और बड़े पैमाने पर हाई-एफ़िशिएंसी टेक्नोलॉजी को अपनाने की रफ़्तार बढ़ाकर भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन में अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है।

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