कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
के एक्रोपोलिस मॉल स्थित सिनेपोलिस मल्टीप्लेक्स में आयोजित फिल्म ‘अस्सी’ का प्रीमियर केवल एक सिनेमाई आयोजन नहीं था, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक गंभीर पहल का मंच भी बना। इस अवसर पर अभिनेत्री तापसी पन्नू, कलाकार कनी कुश्रुती और निर्देशक अनुभव सिन्हा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष आयाम दिया।
शाम की शुरुआत उत्साह से हुई, लेकिन फिल्म के आगे बढ़ते ही वातावरण गंभीर होता गया। कोर्टरूम पर आधारित कथा ने दर्शकों को न केवल बांधे रखा, बल्कि उन्हें सोचने के लिए भी मजबूर किया। ‘अस्सी’ शीर्षक धीरे-धीरे अपना अर्थ खोलता है— एक ऐसा आंकड़ा, जो देश में प्रतिदिन दर्ज होने वाले बलात्कार के मामलों की संख्या की ओर संकेत करता है। यही तथ्य फिल्म की आत्मा बनकर पूरी कहानी में प्रवाहित होता है।
अभिनय संयमित लेकिन प्रभावशाली है। संवादों में तीखापन है, पर अति नाटकीयता नहीं। निर्देशक ने विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए उसे तथ्य और भावनाओं के संतुलन के साथ प्रस्तुत किया है। परिणामस्वरूप, फिल्म महज़ एक कानूनी ड्रामा न रहकर सामाजिक विमर्श का माध्यम बन जाती है।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कुछ क्षणों की खामोशी ने फिल्म के असर को स्पष्ट कर दिया। फिर तालियों की गूंज ने उस मौन को तोड़ा— मानो दर्शक केवल कलाकारों के प्रयास की नहीं, बल्कि विषय की गंभीरता की भी सराहना कर रहे हों।
कोलकाता का यह प्रीमियर इस बात का संकेत है कि जब सिनेमा समाज के ज्वलंत प्रश्नों को ईमानदारी से उठाता है, तो दर्शक उसे केवल देखते नहीं— महसूस करते हैं, और उस पर चर्चा भी करते हैं।
