कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
भारत की अग्रणी खाद्य एवं एफएमसीजी कंपनियों में से एक एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड ने अपने प्रमुख ब्रांड फॉर्च्यून के माध्यम से विश्व पोहा दिवस का भव्य आयोजन किया। इंदौर स्थित द हब में आयोजित इस सामुदायिक उत्सव में फॉर्च्यून पोहा से तैयार 100 विभिन्न प्रकार के पोहा व्यंजनों का अनूठा प्रदर्शन किया गया। साथ ही, एक और रिकॉर्ड बनाने के प्रयास के तहत 1,000 से अधिक लोगों को एक साथ फॉर्च्यून पोहा परोसा गया।
इस आयोजन में शहरवासियों और खानपान प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भारत के सबसे लोकप्रिय नाश्तों में से एक पोहा को सम्मान दिया। साथ ही, इंदौर की ‘भारत की पोहा राजधानी’ के रूप में पहचान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
100 प्रकार के पोहा व्यंजनों की प्रदर्शनी ने इस लोकप्रिय पकवान की बहुमुखी प्रतिभा, क्षेत्रीय विविधता और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया। इसके साथ ही, फॉर्च्यून ने देश के सबसे बड़े सामूहिक पोहा भोजों में से एक का आयोजन किया, जिसमें 1,000 से अधिक लोगों ने एक साथ फॉर्च्यून पोहा का स्वाद लिया। यह पहल सफलतापूर्वक गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई और भारत की समृद्ध खाद्य विरासत के उत्सव में एक नया अध्याय जोड़ गई।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड के जॉइंट प्रेसिडेंट – सेल्स एवं मार्केटिंग, मुकेश मिश्रा ने कहा, “पोहा केवल एक नाश्ता नहीं है, बल्कि भारत की खानपान संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। पैकेज्ड पोहा श्रेणी के अग्रणी ब्रांड के रूप में हमारा उद्देश्य इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, साथ ही गुणवत्ता और स्वच्छता के सर्वोच्च मानकों को सुनिश्चित करना भी है, खासकर ऐसे बाजार में जो अभी भी काफी हद तक असंगठित है। ‘विश्व पोहा दिवस’ उन परंपराओं और समुदायों का उत्सव मनाने का उपयुक्त अवसर है, जो पोहा से जुड़े हुए हैं, और इस अनूठे आयोजन के लिए इंदौर से बेहतर स्थान कोई नहीं हो सकता।”
प्रसिद्ध इंदौरी शेफ उत्शा के राजू भैया के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल सामूहिक पोहा भोज को डिजिटल और ग्राउंड-एक्टिवेशन अभियान के माध्यम से साकार किया गया। आयोजन में स्थानीय लोगों, फूड लवर्स और समुदाय के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 1,000 से अधिक लोगों ने एक साथ फॉर्च्यून पोहा का आनंद लेकर इस रिकॉर्ड बनाने वाले उत्सव को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में पारंपरिक स्वादों के साथ-साथ पोहा की कई नवाचारी प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं, जिसने यह
