गंगासागर – (रमेश राय)
गंगासागर मेला क्षेत्र में संचार और सूचना के आदान-प्रदान की समस्या हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बनती है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं अक्सर ठप हो जाती हैं। ऐसे में वेस्ट बंगाल एमेच्योर रेडियो क्लब, जिसे हैम रेडियो के नाम से जाना जाता है, आधुनिक तकनीक के सहारे इस समस्या का समाधान करता है।
दक्षिण 24 परगना के सुदूर सागर द्वीप में आयोजित इस विशाल मेले के दौरान हैम रेडियो सैटेलाइट से जुड़े विशेष उपकरणों के माध्यम से प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के बीच संपर्क बनाए रखता है। इनके सहयोग से भटके हुए श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाया जाता है, वहीं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को एयरलिफ्ट कर कोलकाता भेजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है।

वेस्ट बंगाल हैम रेडियो के संपादक अम्बरीश नाग विश्वास (राजू) और रिंकू नाग विश्वास के नेतृत्व में 50 सदस्यीय दल 9 से 17 जनवरी तक लगातार सेवा में जुटा रहा। बीते 36 वर्षों से यह टीम मेला कार्यालय के मेगा कंट्रोल रूम, मेला परिसर, के-2 और के-3 बस स्टैंड, विभिन्न स्नान घाटों व सूचना केंद्रों से 24 घंटे निगरानी रखती है।
इस वर्ष पहली बार डिजिटल मोबाइल रेडियो (DMR) जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर गोपनीय तरीके से सूचना का आदान-प्रदान किया गया। इसी तकनीक से रूस से आए एक श्रद्धालु को उसके परिवार से मिलाने में सफलता मिली। अम्बरीश नाग विश्वास ने बताया कि “myham.in” वेबसाइट के माध्यम से भी लापता या अस्पताल में भर्ती व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें परिजनों तक पहुंचाया जा रहा है। संचार व्यवस्था को सुचारु रखने में हैम रेडियो की भूमिका बेहद अहम है।
