कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
एक नई बंगाली फिल्म आ रही है जो बुज़ुर्गों की असली समस्याओं और भावनाओं पर फोकस करेगी। यह अनाउंसमेंट मशहूर डायरेक्टर बादल सरकार ने कोलकाता के साल्ट लेक सेक्टर फाइव के एक ग्रीन एरिया में ऑर्गनाइज़्ड एक फंक्शन में की।
डायरेक्टर ने कहा कि उनकी नई फिल्म का नाम “वृद्ध पराश” है, जो पूरी तरह से साठ साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की ज़िंदगी, मेंटल स्टेट और सोशल समस्याओं के आस-पास बन रही है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म बुढ़ापे की वजह से अकेलेपन, नज़रअंदाज़, फिजिकल कमज़ोरी, भूलने की बीमारी, सोशल आइसोलेशन और परिवार के साथ खराब रिश्तों को बहुत ही सेंसिटिव तरीके से दिखाएगी।
बादल सरकार ने यह भी कहा कि आज के समाज में बुज़ुर्गों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनकी समस्याओं और भावनाओं पर कम ही बात होती है। आने वाले दिनों में उनका मेन मकसद इस फिल्म के ज़रिए बुज़ुर्गों की ज़िंदगी की मुश्किलों, उनकी भावनाओं और समाज में उनके योगदान को एक नए नज़रिए से पेश करना है।
डायरेक्टर के शब्दों में, “वृद्ध पराश सिर्फ़ एक फिल्म नहीं है, यह बुढ़ापे को समझने और महसूस करने की एक इंसानी कोशिश है।” मेकर्स को उम्मीद है कि फिल्म रियलिस्टिक तरीके से लगातार आगे बढ़ेगी और दर्शकों के मन पर गहरा असर डालेगी।
इस अनाउंसमेंट के बाद से ही फिल्म के शौकीनों में उत्सुकता और दिलचस्पी पैदा हो गई है। माना जा रहा है कि समाज के एक ज़रूरी लेकिन नज़रअंदाज़ किए गए चैप्टर को पर्दे पर दिखाने वाली यह फिल्म आने वाले दिनों में बंगाली सिनेमा में एक नई सोच जोड़ेगी।
