कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
बीसी जिंदल ग्रुप के भाग और देश की प्रमुख डाउनस्ट्रीम स्टील उत्पाद निर्माता कंपनियों में से एक जिंदल (इंडिया) लिमिटेड ने पश्चिम बंगाल के रानीहाटी स्थित अपने प्लांट में 50 करोड़ रुपये के निवेश के बाद, अपनी कंटीन्यूअस गैल्वेनाइजिंग लाइन (सीजीएल-5) के नवीनीकरण और सफलतापूर्वक इसका संचालन शुरू होने की घोषणा की है। इस नवीनीकरण से लाइन की उत्पादन क्षमता 590 टन प्रतिदिन से 51 प्रतिशत बढ़कर 889 टन प्रतिदिन हो गई है। इसके साथ ही, प्लांट में प्राइम कॉइल का उत्पादन भी सफलतापूर्वक शुरू हो गया है।
इस नए सुधार के बाद, जिंदल (इंडिया) लिमिटेड की कोटेड शीट उत्पादन क्षमता तकरीबन 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष के आंकड़े पर पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनी के पास लगभग 0.5 एमटीपीए की पाइप निर्माण क्षमता भी है, जो इसके डाउनस्ट्रीम स्टील उत्पाद पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाती है। कुल मिलाकर, कंपनी की डाउनस्ट्रीम स्टील निर्माण क्षमता लगभग 1.6 एमटीपीए है।
सीजीएल-5 के नवीनीकरण के तहत, जिंदल (इंडिया) लिमिटेड ने लाइन की फर्नेंस (भट्टी) क्षमता को 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया है, जिसे 22 टन प्रति घंटा से बढ़ाकर 45 टन प्रति घंटा किया गया है। साथ ही, लाइन की गति को भी 150 मीटर प्रति मिनट से बढ़ाकर 200 मीटर प्रति मिनट कर दिया गया है।
इस नवीनीकृत लाइन के संचालन में एक इलेक्ट्रोलाइटिक क्लीनिंग लाइन (ईसीएल), दूसरा रीकॉइलर, ज़्यादा स्ट्रिप एक्यूमुलेशन, हीटिंग फर्नेस की बढ़ी हुई क्षमता और बेहतर कूलिंग सिस्टम जैसी कई नई चीज़ें भी शामिल की गई हैं। ये सभी बदलाव मौजूदा शेड की सीमाओं के भीतर ही किए गए हैं। इन सुधारों से लाइन की उत्पादकता और कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों की बदलती जरूरतों को और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
इस प्रोजेक्ट को मात्र 59 दिनों में पूरा कर लिया गया, हालांकि इसके लिए 70 दिन का समय तय किया गया था, इस तरह 11 दिनों की बचत हुई।
इस अवसर पर बीसी जिंदल ग्रुप के एक प्रवक्ता ने कहा, “नवीनीकृत सीजीएल-5 का संचालन सफलतापूर्वक शुरू होना, हमारी क्षमता बढ़ाने और आधुनिकीकरण कीयात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लाइन की उत्पादन क्षमता 590 टीपीडी से बढ़कर 889 टीपीडी हो गई है, इससे हमें वैल्यू-एडेड कोटेड स्टील उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसी तरह हमारी कुल डाउनस्ट्रीम स्टील निर्माण क्षमता भी अब लगभग 1.6 एमटीपीए पर पहुंच गई है। इस सुधार के साथ हमने अपने विकास के अगले चरण के लिए एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है। हम 2027 में अपनी प्लेटिनम जुबली मनाने वाले हैं, ऐसे में हमारा ध्यान अपनी उत्पाद क्षमता बढ़ाने, उन्नत तकनीकों को अपनाने और अपने ग्राहकों को बेहतर मूल्य प्रदान करने पर केंद्रित रहेगा।”
हाल ही में सीजीएल-5 में किया गया सुधार, डाउनस्ट्रीम स्टील निर्माण क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए जिंदल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा किए जा रहे निरंतर निवेश का ही एक हिस्सा है। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जंगलपुर और रानीहाटी में कंपनी की दो आधुनिक मैनुफैक्चरिंग युनिट्स हैं, जो एडवांस्ड कलर कोटिंग और मेटल कोटिंग तकनीकों से लैस हैं।
जिंदल (इंडिया) लिमिटेड की दो आधुनिक फैक्टरियां पश्चिम बंगाल के हावड़ा में स्थित हैं तथा इसकी क्षमता में आधुनिक कलर कोटिंग, मेटल कोटिंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं। कंपनी तीन मुख्य प्रभागों- शीट, पाईप और एलुमिनियम फॉइल में प्रोडक्ट्स की व्यापक रेंज पेश करती है। अपने ब्राण्ड्स जैसे जिंदल सबरंग और जिंदल न्यू कलर प्लस के साथ जिंदल (इंडिया) लिमिटेड खासतौर पर पूर्वी भारत में कलर-कोटेड शीट मार्केट में अपना प्रभुत्व बनाए हुए है तथा देश भर में अपनी सशक्त मौजूदगी स्थापित कर चुकी है। वर्तमान में कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में 70 फीसदी कोटेट फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स हैं, जो भावी विकास एवं विस्तार के लिए मुख्य क्षेत्र हैं।
जंदल (इंडिया) लिमिटेड डाउनस्ट्रीम स्टील उत्पाद उद्योग की सबसे पुरानी कंपनियों में से एक है। कंपनी के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा पूर्वी क्षेत्र से आता है, जिसके बाद दक्षिण भारत का स्थान है। हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने पूरे भारत में विस्तार करने की रणनीति अपनाई है और अपनी क्षमता बढ़ाकर उत्तर तथा पश्चिम भारत में भी कदम रखा है। बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक परियोजनाओं में तेज़ी से हो रहे विकास को देखते हुए जिंदल (इंडिया) लिमिटेड को इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं नज़र आती हैं।
जिंदल (इंडिया) लिमिटेड की स्थापना 1952 में एक अग्रणी भारतीय सदन बी.सी. जिंदल ग्रुप के तहत की गई। ग्रुप विभिन्न कारोबारों जैसे पैकेजिंग फिल्म्स, एनर्जी एवं स्टील प्रोडक्ट्स के विविध पोर्टफोलियो में सक्रिय है।
