कोलकाता – स्टाफ संवाददाता
सुचित्रा मित्रा उन कुछ लोगों में से हैं जिनकी तस्वीरें रवींद्र संगीत सुनते ही हमारे दिमाग में आती हैं। उनकी सीधी आवाज़ की मधुर धुन हमारे मन के सबसे गहरे कोनों को छू जाती है। उनकी आवाज़ उतनी ही जानदार है जितनी उनकी ज़िंदगी में उनकी पर्सनैलिटी है। वह अच्छे और बुरे, काले और सफेद की उलझनों का सामना करते हुए, एक तय लक्ष्य की ओर अकेले आगे बढ़ी हैं। उन्होंने अपना फ़र्ज़ निभाया है, धक्के खाए हैं। आँसुओं के सैलाब में बह जाने पर भी, उन्होंने पीछे नहीं हटीं। बल्कि, वह जैसी हैं वैसी ही, अपनी शर्तों पर जी हैं। कहीं सिर झुकाने का सवाल ही नहीं उठता। इसके लिए उन्हें कम संघर्ष नहीं करना पड़ा। उनकी संगीतमय ज़िंदगी के साथ-साथ संघर्ष भरी ज़िंदगी ने सुचित्रा मित्रा को एक खास पहचान दी है।
TV Nine Bangla सौ साल बाद सुचित्रा मित्रा को श्रद्धांजलि देता है – न्यूज़ सीरीज़ – Eternal Suchitra
रविवार, 4 जनवरी, रात 10 बजे।
